नीति आयोग का पायलट प्रोजेक्ट: 11 जिलों तक होगी वृहद बनारस की सीमा, विकास के लिए बनेगी योजना

नीति आयोग के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल वृहद बनारस की परिकल्पना को साकार करने के लिए रविवार को आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने वाराणसी में तैयारियों की समीक्षा की। 

NITI Aayog's pilot project: Greater Banaras will extend to 11 districts, plan will be made for development

महानगर का स्वरूप ले रहे बनारस में रोजगार की संभावनाओं और आबादी के दबाव कम करने के लिए 11 जिलों को समाहित करते हुए विस्तृत योजना तैयार करने का काम शुरू हो गया है। आयोग के पायलट प्रोजेक्ट में शामिल वृहद बनारस की परिकल्पना को साकार करने के लिए रविवार को आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने वाराणसी में तैयारियों की समीक्षा की। इसमें वाराणसी सहित आजमगढ़, मिर्जापुर और प्रयागराज मंडल के जिलों की आवश्यकताओं के मुताबिक योजना तैयार करने की सलाह दी।

नीति आयोग के सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम ने कहा कि अलग-अलग स्टेक होल्डर्स से सुझाव लिए जाएं और हर क्षेत्र के विस्तार पर व्यापक योजना बनाएं। उन्होंने सलाह दी कि एयरपोर्ट के विस्तारीकरण के साथ ही उस क्षेत्र में आवासीय और औद्योगिक विकास की संभावनाओं पर सर्वे की आवश्यकता है। इसके अलावा जलमार्ग प्राधिकरण को भी उपयोगी बनाने के लिए पूर्वांचल के उद्योगों से इससे जोड़ा जाए।

ये हैं वो 11 जिले:

इसके अलावा चारों मंडल के 11 जिलों में आवासीय, औद्योगिक, व्यावसायिक विकास सहित अन्य पहलुओं पर संभावनाएं तलाशने के लिए सभी विभागों के साझा प्रयास का सुझाव भी दिया। वृहद बनारस में वाराणसी मंडल के वाराणसी, चंदौली, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़ मंडल के आजमगढ़, मऊ, बलिया, मिर्जापुर मंडल के मिर्जापुर, सोनभद्र व भदोही और प्रयागराज मंडल के प्रयागराज को शामिल किया गया है। इन जिलों के बीच मजबूत कनेक्टविटी के लिए मेट्रो सेवा सहित यातायात के सभी संसाधनों को मजबूत करने की योजना बनाई जा रही है। यहां बता दें कि नीति आयोग ने वाराणसी सहित देश के कुछ शहरों के रीजनल प्लान को पायलट प्रोजेक्ट में शामिल किया है।

 

 

कल वाराणसी में होगी बड़ी बैठक:

वृहद बनारस को धरातल पर उतारने के लिए नीति आयोग की एक टीम मंगलवार को वाराणसी पहुंचेगी। 11 जिलों के समग्र विकास और काशी को इसका केंद्र बनाने के प्रयास की पहली बैठक होगी। इसमें चारों मंडल के आयुक्त शामिल होंगे और इसके बाद जिलों की योजना के मुताबिक काम शुरू किया जाएगा।

सलाहकार की मदद से तैयार होंगी परियोजनाएं

विकास प्राधिकरण की अवस्थापना निधि से आवंटित किए गए 75 लाख रुपये का बजट वृहद बनारस परियोजना में खर्च किए जाएंगे। इसमें नीति आयोग की सलाह पर नई टाउनशिप और सिटी डेवलपमेंट प्लान को तैयार करने के लिए सलाहकार की नियुक्ति की जाएगी। इन परियोजनाओं की योजनाबद्ध करने में इसी बजट का इस्तेमाल किया जाएगा।

नीति आयोग के सीईओ ने योजना विभाग और जिलों के डाटा की समीक्षा की है और कई सलाह भी दिए हैं। मंगलवार को चारों मंडल के आयुक्त के साथ ही नीति आयोग की टीम बैठक कर वृहद बनारस को धरातल पर उतारने की शुरुआत करेगी।-कौशल राज शर्मा, मंडलायुक्त

 

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